25अप्रैल भिवानी। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से ज्ञान में उत्कृष्टता के अपने आदर्श वाक्य को पूरा करने वाला विश्वविद्यालय है ।विश्वविद्यालय 27 अप्रैल से 01 मई तक कोरोना के लॉकडाउन समय के दौरान एक सप्ताह का ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम - “कोविड 2019 इन टर्बुलेंट टाइम्स में कौशल सेट: उद्योग के अनुभव और चुनौतियां ” का आयोजन कर रहा है। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी, भारत, यूनाइटेड इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (यूआईयू) ढाका, बांग्लादेश के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। हाल ही में कोरोनो वायरस महामारी न केवल गंभीर स्वास्थ्य और मानवीय चुनौतियों का कारण बनी है बल्कि पूरी दुनिया भर के व्यवसायों को भारी चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट समय में ग्राहक की मांग का पतन, महत्वपूर्ण नियामक संशोधन, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और अनिश्चितता बढ़ी है।
इस प्रकार उद्योगों को एक महामारी की प्रगति को धीमा करने और कर्मचारियों, शेयरधारकों, भागीदारों, उपभोक्ताओं और समुदायों पर इसके प्रभाव को सीमित करने के लिए कठोर आकस्मिक योजनाओं को विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए आवश्यक है कि व्यावसायिक नेता और कर्मचारी ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एक कौशल-सेट के अधिकारी हों और मौजूदा व्यावसायिक निरंतरता योजनाओं की जांच करने के बजाय नवीन कार्यशैली के साथ आ सकते हैं।प्रेस को जारी अपने ब्यान में प्रो.राज कुमार मित्तल ने बताया कि इस कार्यक्रम को संबोधित करने और उनकी शिक्षण पद्धति और सामग्री पर अकादमिक पुनर्विचार की अनुमति देने की योजना है। ऐसी स्थितियों में उद्योग की आवश्यकताओं के लिए एक अधिक केंद्रित दृष्टिकोण की जरूरत है।कुलसचिव डॉ.जितेन्द्र भारद्वाज ने बताया है कि इससे प्रतिभागियों और व्यवसायों के बीच आपदाओं और महामारी के दौरान काम करने के बारे में विचारों का आदान-प्रदान होगा। एफडीपी के संयोजक प्रो.विकास कुमार, वाणिज्य और प्रबंधन के डीन फैकल्टी ने कहा कि विश्वविद्यालय इस तरह के अशांत समय में भी समाज को लाभान्वित करने के लिए इस तरह के शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम की विरासत रखता है। एफडीपी की सह-संयोजक डॉ सुनीता भरतवाल, अध्यक्षा प्रबंधन विभाग ने बताया कि दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों और शीर्ष पदों के उद्योगपतियों के विशेषज्ञों से जुड़े 8 सत्रों के साथ दो पैनल डिस्कशन तैयार किए गए हैं। कार्यक्रम के आयोजन सचिव श्री मोहित रेवाड़ी ने बताया कि वक्ता उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों से हैं। इसमें वक्ताओं में श्री रंजीत जी मांजरेकर, वीपी अस्सिट प्रबंधन, टाटा प्रोजेक्ट्स, मुम्बई, श्री बीरेन्द्र महापात्र, सीनियर वीपी एचआर, जीबीटीएल, भिवानी, श्री धर्म रक्षित, एचआर हेड, हीरो मोटोकॉर्प, श्री नवनीत अरोरा, वायफेयर, जर्मनी, श्री पवन कुमार झा, एसएपी तकनीकी वास्तुकार, स्कॉट्सडेल, यूएसए, श्री अभिषेक सांभरिया, विप्रो लिमिटेड, श्री दिव्यांशु वर्मा, इंटेल टेक, श्री प्रशांत खरे सीईओ करियरथॉन सेवाएं, श्री शिशिर शर्मा, वीपी मार्केटिंग आरआर काबेल, श्री सुबाग्यो, पीजीआरआई विश्वविद्यालय, इंडोनेशिया, श्री लोशेब , डीन, काकेशस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, जॉर्जिया, प्रो डेनीन टेसेमा, प्रेसिडेंट, वोकलाइट यूनिवर्सिटी, इथियोपिया, श्री विनय कल्याण, स्टार्टअप सलाहकार, बंग्लुरु, श्री सचिन जैन, भिवानी शामिल होंगे। आयोजकों का मानना है कि एफडीपी दुनिया भर के प्रतिभागियों के लिए फायदेमंद होगा।