भिवानी | प्रदेश के मुख्य सचिव श्री डी.एस.ढ़ेसी ने कहा है कि पर्यावरण को प्रदुषित होने से बचाने के लिए कंबाईन हारवेस्टिंग मशीन पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इसके साथ कृषि विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में फसल अवशेष प्रबंधन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी एसडीएम को पूर्व में फसल अवशेष जलाने वाले गांवों में दौरा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि 15 सितंबर से जागरूकता अभियान चल रहा है, जिसमें गांवों में किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इन जागरूकता अभियानों में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की पूरी जानकारी दी जाए। इस दौरान उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि भिवानी जिले में बवानीखेड़ा, मुंढ़ाल कलां व खुर्द, मिताथल, बडेसरा, चांग, तिगड़ाना, पुर, सिवाड़ा, कुंगड और जाटू लोहारी में मुख्यरूप से धान की खेती होती है। यहां पर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन व पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में कृषि एवं कल्याण विभाग के महानिदेशक डीके बेहरा ने भी जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त मनोज कुमार, जिला राजस्व अधिकारी संजय बिश्रोई, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह, सहायक अभियंता नसीब सिंह धनखड़ व बलबीर शर्मा मौजूद थे।

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